कोंकण पर अधिकार CHHATRAPATI SHIVAJI MAHARAJ

 CHHATRAPATI SHIVAJI MAHARAJ,







Rights on Konkan
Knowing the absence of Aurangzeb in South India and the Bijapur dvandol political in place, Shivaji asked Samarji to attack Janjira. But his fight with Zindagi Siddi lasted for several days. After this, Shivaji himself attacked Janjira and took possession of South Konkan and collected annual tax from the Portuguese of Daman. After exercising the right to Kalyan and Bhiwandi, they formed a naval base there. By this time Shivaji had become the owner of 40 fortifications.

कोंकण पर अधिकार
दक्षिण भारत में औरंगजेब की अनुपस्थिति और बीजापुर की डवाँडोल राजनीतिक स्थित को जानकर शिवाजी ने समरजी को जंजीरा पर आक्रमण करने को कहा। पर जंजीरा के सिद्दियों के साथ उनकी लड़ाई कई दिनों तक चली। इसके बाद शिवाजी ने खुद जंजीरा पर आक्रमण किया और दक्षिण कोंकण पर अधिकार कर लिया और दमन के पुर्तगालियों से वार्षिक कर एकत्र किया। कल्याण तथा भिवण्डी पर अधिकार करने के बाद वहाँ नौसैनिक अड्डा बना लिया। इस समय तक शिवाजी 40 दुर्गों के मालिक बन चुके थे।

Comments